Advanced International Journal for Research
E-ISSN: 3048-7641
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Volume 7 Issue 1
January-February 2026
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बिहार एवं झारखंड में विकसित भारत 2047 लक्ष्यों की प्रगति एवं स्थिति
| Author(s) | कृष्ण जी, डॉ प्रशांत कुमार |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | भारत सरकार ने वर्ष 2047 तक देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है, जिसे “विकसित भारत 2047” दृष्टि दस्तावेज द्वारा परिभाषित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्राप्ति में राज्यों की भूमिका निर्णायक है, क्योंकि विकास के विभिन्न सूचकांकों पर राज्यों की प्रगति ही भारत के समग्र विकास को सुनिश्चित करेगी। प्रस्तुत शोध पत्र में बिहार और झारखंड राज्यों की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है। अध्ययन में शासन व्यवस्था, वित्तीय विवेक, अवसंरचना विकास, सामाजिक-आर्थिक संकेतक, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाएँ तथा सतत विकास लक्ष्यों (ैक्ळे) की प्राप्ति की दिशा में हुई प्रगति को विश्लेषित किया गया है। बिहार की स्थिति से स्पष्ट होता है कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है। नीति आयोग के ैक्ळ प्दकपं प्दकमग (2023-24) में बिहार को केवल 57 अंक प्राप्त हुए, जो इसे देश के सबसे निचले पायदान वाले राज्यों में रखता है। साक्षरता दर (ब्मदेनेए 2011) मात्र 63.8ः है, जबकि राष्ट्रीय औसत 74ः है। वहीं प्रति व्यक्ति आय 2022-23 में ₹54,383 रही, जो राष्ट्रीय औसत ₹1,72,000 से काफी कम है। दूसरी ओर, झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद संस्थागत सीमाओं और सामाजिक असमानताओं से जूझ रहा है। ैक्ळ प्दकमग (2023-24) में झारखंड का स्कोर 64 रहा, तथा राज्य की गरीबी दर (छप्ज्प् ।ंलवह, 2022) लगभग 42ः है, जो भारत में सबसे अधिक है। शोध से यह निष्कर्ष निकलता है कि दोनों राज्यों में विकास की अपार संभावनाएँ हैं, किंतु इसके लिए वित्तीय स्वायत्तता को बढ़ाना, मानव संसाधन का सशक्तिकरण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार तथा समावेशी विकास नीतियों का क्रियान्वयन अत्यावश्यक है। यदि बिहार और झारखंड लक्षित सुधारों को शीघ्रता से अपनाते हैं तो वे “विकसित भारत 2047” के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान कर सकते हैं। |
| Keywords | विकसित भारत 2047, सतत विकास लक्ष्य, विकास संकेतक, सामाजिक-आर्थिक, शासन एवं वित्तीय विवेक |
| Published In | Volume 6, Issue 6, November-December 2025 |
| Published On | 2025-12-31 |
| DOI | https://doi.org/10.63363/aijfr.2025.v06i06.2824 |
| Short DOI | https://doi.org/hbhk3j |
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E-ISSN 3048-7641
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