Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641     Impact Factor: 9.11

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7, Issue 2 (March-April 2026) Submit your research before last 3 days of April to publish your research paper in the issue of March-April.

पंचायती राज व्यवस्था और ग्रामीण सशक्तिकरणः भागलपुर जिला के सन्दर्भ में

Author(s) आलोक रंजन
Country India
Abstract पंचायती राज व्यवस्था भारत के ग्रामीण शासन का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है, जिसे 73वें संविधान संशोधन अधिनियम (1992) के तहत संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के माध्यम से ग्रामीण जनता को सशक्त बनाना और उन्हें निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनाना है। यह शोध अध्ययन बिहार राज्य के भागलपुर जिले पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य यह मूल्यांकन करना है कि पंचायती राज संस्थाएँ (च्त्प्े) किस हद तक ग्रामीण सशक्तिकरण में सहायक रही हैं।
शोध में भागलपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों जैसे सन्हौला, नवगछिया, गोपालपुर, और जगदीशपुर के ग्राम पंचायतों का चयन कर उनकी प्रशासनिक कार्यप्रणाली, महिला प्रतिनिधित्व, वित्तीय संसाधनों का उपयोग, योजना क्रियान्वयन, और स्थानीय सहभागिता का विश्लेषण किया गया है। प्राथमिक आंकड़े के साथ-साथ माध्यमिक आंकड़ों - जैसे राज्य वित्त आयोग रिपोर्ट, पंचायत बजट, और ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का भी उपयोग किया गया है। अध्ययन में यह पाया गया कि यद्यपि पंचायतों को अधिकार प्रदान किए गए हैं, परन्तु उनके प्रयोग में कई बाधाएँ हैं - जैसे तकनीकी जानकारी की कमी, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हस्तक्षेप, महिला प्रतिनिधियों की नाममात्र की भागीदारी, और संसाधनों का सीमित उपयोग।
अंततः यह निष्कर्ष निकलता है कि जब तक पंचायतों को पूर्ण स्वायत्तता, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, पारदर्शिता के उपकरण और उत्तरदायित्व की स्पष्ट व्यवस्था नहीं दी जाती, तब तक ग्रामीण सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। यह केस स्टडी न केवल भागलपुर के संदर्भ में, बल्कि सम्पूर्ण भारत में ग्रामीण विकास के लिए प्रासंगिक दिशा-निर्देश प्रस्तुत करती है।
Keywords पंचायती राज व्यवस्था, 73वें संविधान संशोधन, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण, राज्य वित्त आयोग, पंचायत बजट।
Field Sociology > Politics
Published In Volume 6, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-31
DOI https://doi.org/10.63363/aijfr.2025.v06i06.2825

Share this