Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641     Impact Factor: 9.11

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अग्रोहा एक अनमोल राष्ट्रीय धरोहर

Author(s) Pankaj
Country India
Abstract भारत में असंख्य पुरातात्विक व ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं जिन पर उत्खनन कार्य काफी हद तक हो चुका है और कुछ जारी है। भारत की संस्कति व सभ्यता जितनी प्राचीन व समृद्ध है उतनी अनोखी भी रही है। हर एक पुरातात्विक स्थल की अपनी एक गाथा है, एक समृद्ध इतिहास संजोए हुए हैं। उनमें से हरियाणा प्रांत के हिसार जिले में स्थित महाराज अग्रसेन जी की राजधानी माने जाने वाले अग्रोहा भी एक है। यह ना केवल हरियाणा की बल्कि भारत और विश्व की एक अनमोल राष्ट्रीय धरोहर के रूप में जानी जाती है। भले ही आज अग्रोहा अग्रवाल समाज के लिए एक तीर्थ स्थल हो और अपने धाम के रूप में प्रसिद्ध हो, लेकिन अग्रोहा की अपनी एक ऐतिहासिक विकास यात्रा रही है। अग्रोहा की ऐतिहासिकता इसकी पुरातात्विक खुदाई में मिली, बस्तियांे, खंडित भावनों और सिक्कों से साबित होती है, जो सातवीं शताब्दी ईस्वी पूर्व से चौदहवीं शताब्दी ईस्वी तक के निरंतर निवास और एक समृद्ध गणराज्य के रूप में इसके महत्व को दर्शाते हैं। अग्रोहा को हरियाणा के दो प्राचीन गणराज्यों अग्र व यौधेय की राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। साथ ही पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह स्थान अग्रवाल समुदाय के संस्थापक गणराज अग्रसेन की महाराज अग्रसेन की राजधानी था तथा व्यापारिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध रहा। अग्रोहा ऐतिहासिकता व धार्मिकता का अनूठा संगम है। वर्तमान अग्रोहा धाम का न केवल एक पवित्र धार्मिक स्थल है बल्कि यह अग्रवाल समाज की उत्पत्ति, भारत की प्राचीन सभ्यता और समृद्ध संस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय प्रतीक भी है। यह क्षेत्र श्रद्धालुओं, पर्यटकों, शोधकर्ताओं, पुरातत्वविदों, इतिहास प्रेमियों के लिए समान रूप से आकर्षण का केंद्र बन चुका है। अग्रोहा थेह/टीले की खुदाई ने कई रहस्यों को उजागर किया है। यहां का प्राचीन नगर व उनमंे निर्मित भवन/इमारतें जो अब खंडित अवस्था में हैं स्थापत्य कला की अद्भुत नमूने रहे हैं। परंतु अग्रोहा को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में वह स्थान नहीं मिल पाया जिसका वह हकदार है। प्रस्तुत शोध-पत्र का प्रमुख उद्देश्य अग्रोहा क्षेत्र के समृद्ध इतिहास व लोक परम्परा के कई अनछुऐ पहलुओं को, इसके महत्व व पहचान को व्यापक स्तर पर उजागर करना है।
Keywords अग्र, अग्रोहा, अग्रसेन, अग्रवाल, नगर स्थापत्य, थेह, यौधेय आदि।
Field Sociology > Archaeology / History
Published In Volume 7, Issue 2, March-April 2026
Published On 2026-03-13

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