Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641     Impact Factor: 9.11

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नगरीय प्रसार एवं इसके सामाजिक-आर्थिक तथा पर्यावरणीय प्रभाव: नीम का थाना नगर, सीकर

Author(s) Mr. मदन लाल, Dr. बाबू लाल शर्मा
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध-पत्र राजस्थान के सीकर जिले में स्थित नीम का थाना नगर में हो रहे नगरीय प्रसार का भौगोलिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है तथा इसके सामाजिक-आर्थिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों का मूल्यांकन करता है। अध्ययन में उपग्रहीय इमेज विश्लेषण (1995-2025), जनगणना आँकड़ों (1901-2011) तथा 276 उत्तरदाताओं के स्तरीकृत यादृच्छिक प्रतिचयन आधारित प्राथमिक सर्वेक्षण का प्रयोग किया गया है। परिणामों से ज्ञात होता है कि तीस वर्षों (1995-2025) में नगर का निर्मित क्षेत्र 1.87 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 4.21 वर्ग किलोमीटर हो गया, अर्थात् लगभग 125 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें 2005-2015 का दशक सर्वाधिक तीव्र (65.51 प्रतिशत) रहा। यह प्रसार मुख्यतः रीको औद्योगिक आकर्षण, बाह्य प्रवासन (41.67 प्रतिशत) एवं सस्ती भूमि की माँग से प्रेरित रहा है। अध्ययन में यह भी सामने आया कि 71.74 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कृषि भूमि के नगरीकरण, 86.96 प्रतिशत ने भूमिगत जल स्तर में गिरावट एवं 81.16 प्रतिशत ने वायु प्रदूषण में वृद्धि की पुष्टि की। नगर के केन्द्रीय एवं परिधीय क्षेत्रों के बीच नागरिक सुविधाओं में स्पष्ट असमानता (भारित औसत क्रमशः 3.47 एवं 2.92) पाई गई। शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि नीम का थाना नगर का प्रसार अनियोजित, बहुदिशीय एवं संसाधन-गहन प्रकृति का है, जिसके नियंत्रण हेतु समन्वित नगर नियोजन अत्यावश्यक है।
Keywords नगरीय प्रसार, भूमि उपयोग परिवर्तन, नगरीकरण, पर्यावरणीय प्रभाव, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव, नगर नियोजन
Published In Volume 7, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-08-15

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