Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641   •   Impact Factor: 9.11

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7, Issue 6 (November-December 2026) Submit your research before last 3 days of December to publish your research paper in the issue of November-December.

प्राचीन मगध के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में नवादा: पुरातात्त्विकसाक्ष्य , प्राचीन स् थल एवं अभिलेखीय परंपरा का आलोचनात्मकअध्ययन

Author(s) Dr. Nigam Bhardwaj
Country India
Abstract बिहार का नवादा जिला प्राचीन मगध के ऐतिहासिक भूगोल का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को समझने के लिए अभिलेखीय साक्ष्यों, पुरातात्त्विक अवशेषों, स्थापत्य, मूर्तिकला, धार्मिक स्थलों तथा स्थानीय परंपराओं का आलोचनात्मक अध्ययन आवश्यक है। वर्तमान नवादा जिले में स्थित अपसढ़, पार्वती पहाड़ी, सीतामढ़ी, हांडिया, गोणावाँ तथा नारद संग्रहालय से संबंधित पुरावस्तुएँ क्षेत्रीय इतिहास के विभिन्न पक्षों के अध्ययन की संभावना प्रस्तुत करती हैं। इनमें अपसढ़ का आदित्यसेन अभिलेख विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि यह उत्तर-गुप्तकालीन मगध के राजवंशीय इतिहास तथा धार्मिक निर्माण-कार्य से संबंधित प्रत्यक्ष अभिलेखीय सूचना प्रदान करता है।
प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य नवादा की प्राचीनता से संबंधित उपलब्ध ऐतिहासिक सामग्री का स्रोत-आधारित विश्लेषण करना तथा प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्यों और धार्मिक जनश्रुतियों के बीच अंतर स्पष्ट करना है। अध्ययन में ऐतिहासिक-विश्लेषणात्मक पद्धति अपनाई गई है। इसके अंतर्गत जॉन फेथफुल फ्लीट द्वारा संपादित Corpus Inscriptionum Indicarum, बिहार के अभिलेखों पर भगवंत सहाय का अध्ययन, उत्तर-गुप्तकालीन इतिहास पर आधुनिक शोध तथा जिला प्रशासन और पुरातत्त्व संबंधी संस्थागत स्रोतों को आधार बनाया गया है।
अध्ययन से स्पष्ट होता है कि अपसढ़ का अभिलेख नवादा के इतिहास को सातवीं शताब्दी के आसपास के राजनीतिक और धार्मिक परिवर्तनों से जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण स्रोत है। इसके विपरीत, जिले के कुछ अन्य धार्मिक स्थलों के प्राचीन इतिहास संबंधी दावों को सत्यापित करने के लिए विस्तृत पुरातात्त्विक सर्वेक्षण, स्थापत्य-अध्ययन और स्थल-विशिष्ट अभिलेखीय प्रमाणों की आवश्यकता है। निष्कर्षतः नवादा की प्राचीनता का वैज्ञानिक अध्ययन तभी अधिक विश्वसनीय हो सकता है, जब अभिलेख, पुरावस्तुएँ, ऐतिहासिक साहित्य और स्थानीय परंपराएँ अपनी-अपनी प्रमाणिक सीमाओं के भीतर उपयोग की जाएँ।
Keywords नवादा, प्राचीन मगध, अपसढ़ अभिलेख, आदित्यसेन, उत्तर-गुप्त वंश, पुरातत्त्व, शिलालेख, धार्मिक विरासत, ऐतिहासिक भूगोल।
Field Sociology > Archaeology / History
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2026
Published On 2026-11-01

Share this