Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641     Impact Factor: 9.11

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समकालीन भारतीय प्रिंटमेकिंग प्रथाओं में डिजिटल उपकरणों का समेकन

Author(s) Mr. Shiv Prakash, Prof. Dr. Meena Kumari
Country India
Abstract सारांश
समकालीन भारतीय प्रिंटमेकिंग में डिजिटल उपकरणों का समेकन एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करता है, जहां पारंपरिक तकनीकें जैसे कि एचिंग, लिथोग्राफी और वुडकट को डिजिटल सॉफ्टवेयर जैसे कि एडोब फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (सीएडी) के साथ संयोजित किया जा रहा है। यह अध्ययन भारतीय कलाकारों के कार्यों का विश्लेषण करता है, जैसे कि ज्योति भट्ट, रविकुमार काशी, पाउला सेनगुप्ता और अर्चना हांडे, जो डिजिटल टूल्स का उपयोग करके सांस्कृतिक मोटिफ्स को नवीन रूप प्रदान कर रहे हैं। डिजिटल एकीकरण से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों की जांच की गई है, जिसमें पारंपरिक कौशलों का संरक्षण, वैश्विक प्रभाव और नई अभिव्यक्तियों का सृजन शामिल है। अध्ययन से पता चलता है कि यह संयोजन न केवल प्रिंटमेकिंग को अधिक पहुंचयोग्य बनाता है बल्कि भारतीय कला को वैश्विक मंच पर मजबूत बनाता है। यह शोध मूल साक्षात्कारों, साहित्य समीक्षा और कलाकृतियों के विश्लेषण पर आधारित है, जो डिजिटल युग में भारतीय प्रिंटमेकिंग की विकास यात्रा को उजागर करता है।
Keywords कीवर्ड्स: डिजिटल उपकरण, समकालीन भारतीय प्रिंटमेकिंग, हाइब्रिड तकनीकें, सांस्कृतिक रूपांकन, पारंपरिक संरक्षण, वैश्विक प्रभाव, कलात्मक नवाचार
Field Arts > Drawing
Published In Volume 7, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-02-20

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