Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641   •   Impact Factor: 9.11

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पौराणिक कथाओं से असंबद्ध शिव की सौम्य प्रतिमाएँ

Author(s) Dr. Pradeep Singh
Country India
Abstract हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में शिव संहारक के रूप में स्वीकृत हैं। शैव अनुयायी उन्हें सृष्टिकर्ता भी मानते हैं। वे उन्हें सर्वोच्च देवता के रूप में स्वीकार करते हैं। शिव का व्यक्तित्व बहुपक्षीय है। एक ओर वे अपने भक्तों के लिए अत्यन्त कृपालु और अनुग्रहदाता हैं तो दूसरी ओर स्मृति के विनाश हेतु ताण्डव नृत्यकर्ता भी हैं। शिव को संगीत, नृत्य और योग का प्रवर्तक माना गया है।
शिव की प्रतिमाओं को दो रूपों में विभक्त किया गया है—
1. सौम्य रूप प्रतिमा
2. घोर, उग्र या संहार रूप प्रतिमा
पुनः इन्हें पौराणिक कथाओं से असंबद्ध और संबद्ध दो भागों में विभाजित किया गया है।¹
पौराणिक कथाओं से असंबद्ध शिव की सौम्य प्रतिमाओं के अंतर्गत निम्न प्रतिमाएँ आती हैं, जिनका विवरण निम्न है
Published In Volume 7, Issue 2, March-April 2026
Published On 2026-03-12
DOI https://doi.org/10.63363/aijfr.2026.v07i02.3865

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