Advanced International Journal for Research

E-ISSN: 3048-7641   •   Impact Factor: 9.11

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सांस्कृतिक एवं सामाजिक जीवन के निर्धारण में संगीत की भूमिका

Author(s) Jasmeet Kour Kour
Country India
Abstract सारांश
संगीत मानव सभ्यता की सबसे प्राचीन और प्रभावशाली कलाओं में से एक है। यह केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति और समाज के भावनात्मक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक जीवन को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति है। प्रत्येक समाज की अपनी विशिष्ट संगीत परंपराएँ होती हैं, जिनमें उस समाज की जीवन-पद्धति, धार्मिक आस्थाएँ, सामाजिक संबंध, रीति-रिवाज, लोकविश्वास और ऐतिहासिक अनुभव प्रतिबिंबित होते हैं। संगीत पीढ़ी-दर-पीढ़ी सांस्कृतिक मूल्यों के हस्तांतरण का कार्य करता है और सामूहिक पहचान के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय संदर्भ में शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, भक्ति संगीत, सूफी संगीत, देशभक्ति गीत तथा आधुनिक संगीत ने सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक परिवर्तन को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। प्रस्तुत शोध-पत्र में संगीत और समाज के पारस्परिक संबंध, सांस्कृतिक पहचान के निर्माण, सामाजिक एकता, धार्मिक एवं आध्यात्मिक जीवन, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक परिवर्तन तथा आधुनिक तकनीकी युग में संगीत की बदलती भूमिका का अध्ययन किया गया है।
Keywords संगीत, संस्कृति, समाज, सामाजिक जीवन, सांस्कृतिक पहचान, लोक संगीत, राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक परिवर्तन।
Field Arts > Movies / Music / TV
Published In Volume 7, Issue 5, September-October 2026
Published On 2026-10-19

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